आमद-ए-काफिले हुसैनी का मंजर देख अजादारों की आंखे हुई नम, दो मोहर्रम को इमाम का काफिला कर्बला पहुंचा था

Share This News

हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्लाम का कारवां आज दो मोहर्रम को कर्बला की सरजमीन पर पहुंचा था। इसी की याद में बृहस्पतिवार को कर्बला दयानुतद्दौला परिसर में ‘इदारा-ए-सक्का-ए-सकीना” नूरबाड़ी ने जुलूसे आमद-ए-काफिले हुसैनी का मंजर पेश किया गया।

इस मौके पर मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी ने मजलिस को खिताब किया। जुलूस में पुरूषों के साथ महिलाओं और बच्चों ने भी शिरकत करके हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को नजराने अकीदत पेश किया। आमद-ए-काफिले हुसैनी का मंजर देखकर अजादारों की आंखे नम हो गयी थी।

काफिले में अजादार हाथों में अमारियां, हजरत अब्बास अलैहिस्सलाम का अलम, हजरत अली असगर अलैहिस्सलाम का झूला, काली, हरी झंडियां, अनाज और अन्य सामान लिये थे। इसके अलावा हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की सवारी का प्रतीक जुलजुनाह भी चल रहा था। पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब (स.) के नवासे हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके साथियों के कर्बला पहुंचने के मंजर को दर्शाया गया था।

काफिला निकलने से पूर्व मजलिस को मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी ने खिताब करते हुए कहा कि हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम सफर करके आज दूसरी मोहर्रम को कर्बला की सरजमीं पर पहुंचे थे। जब हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम मदीने से चले तो अपनी बेटी जनाबे सुगरा (स.अ.) को मदीने में छोड़ आये थे जो उनका इंतजार कर रही थी। काफिले की जियारत करने वाले अपने आंसु रोक न सके। कर्बला में मौजूद हजारों की तादाद में महिलाओं, बढूों और बच्चों ने काफिले को बोसा दिया और मन्नतें मांगी।

काफिले ने कर्बला परिसर के चारों ओर परिक्रमा की जहां काफी लोग जियारत के इंतिजार में खड़े थे। काफिले के निकलने का मंजर कैसर जौनपुरी बयान कर रहे थे जिसे सुनकर अजादारों की आंखों से जारो-कतार आंसू बह रहे थे। निसार अहमद जुलूस के आगे कर्बला पहुंचे की आवाज लगाते चल रहे थे। कैसर जौनपुरी ने कार्यक्रम का आगाज इस शेर से किया ‘सारी दुनिया पे छा गये हैं हुसैन, घर दिलों में बना गये हैं हुसैन, कर्बला छोड़ कर मोहर्रम में, जैसे भारत आ गये हैं हुसैन”।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *