माइक खराब होने पर अल्लामा ज़मीर अख्तर मिम्बर से उतरे, वीडियो वायरल होने पर चारों तरफ हो रही आलोचना

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अय्यामे अजा माहे मोहर्रम आते ही अजादारी को लेकर तरह-तरह के बयान, तस्वीरें और वीडियो आना शुरू हो जाते हैं। इन बयान, तस्वीरों और वीडियो का एक ही मकसद होता है अजादारी का विरोध। लेकिन ऐसा करने वाले खुद अपना ही तमाशा बना बैठते हैं।

हालिया प्रकरण पाकिस्तान के जाकिर अल्लामा जमीर अख्तर के एक वीडियो का है, जिसमें वे माइक और लाइट की सेटिंग दुरुस्त न होने की वजह से मजलिस पढऩे से ही इंकार कर देते हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो की लोग आलोचना कर रहे हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है, जब अल्लामा जमीर अख्तर का इस तरह का कोई वीडियो वायरल हुआ हो। इससे पहले भी कई मौकों पर अल्लामा मजलिस में अपने जरिए पढ़ी गयी बातों को लेकर फंस चुके हैं।

सोशल मीडिया पर चल रहे इस वीडियो को लोग खूब शेयर कर रहे हैं और साथ ही उनकी आलोचना भी कर रहे है की महज़ माइक की सेटिंग खराब होने पर वह मिम्बर से नीचे उतर आते हैं। हालांकि अब तक इस बात की पुष्टिï नहीं हो सकी है कि वायरल वीडियो कहां और कब का है। नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक कर वीडियो देखा जा सकता है।

इस वीडियो में दिखाया गया की पहले तो उन्होंने माइक के कवर के लाल होने पर ऐतराज़ किया और कहा कि ‘चैनल वालों से कहो कि मोहर्रम में लाल माइक न लगाया जाए। इसके बाद भी उनका गुस्सा कम नहीं हुआ और उन्होंने रोशनी कम होने की शिकायत कुछ यूं करी कि लोग शिकायत करते हैं कि वीडियो में अंधेरा बहुत आता है। थोड़ी लाइट बढ़ाई जाए। वीडियो में आगे दिखाया गया है कि उनकी तकरीर के बीच में माइक में कुछ गड़बड़ी होने से अल्लामा उखड़ जाते हैं और कहते हैं कि अभी तकरीर शुरू नहीं हुई और माइक खराब कर दिया। माइक फेंकते हुए अल्लामा कहते हैं कि इस माइक को भी आज ही खराब होना था। जाओ नहीं पढऩा है मुझे, कहते हुए वे मिम्बर से नीचे उतर जाते हैं।

वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स की तीखी प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गयी। वीडियो पोस्ट करते हुए एक यूजर फैय्याज प्रेमजी ने लिखा, यह हैं जमीर अख्तर के नखरे। जाहिल को न मिम्बरे रसूल का एहतिराम है न ही मजलिसे हुसैन का। सिर्फ अपनी सहूलियत और अपनी वाह-वाही की पड़ी है।

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