अपनी ज़िन्दगी को खुशहाल और सफल बनाने के लिए अपनी पत्नी का सम्मान करें, जानिए कुछ अहम् बातें

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पत्नी का सम्मान और उसका आदर आपको छोटा नहीं बना देगा बल्कि आपका इस काम से मोहब्बत और इश्क बढ़ेगा आप जितना दूसरों का सम्मान करते हैं उतना ही बल्कि उससे ज्यादा अपनी पत्नी का सम्मान करें।

जब भी आप अपनी पत्नी बात करें प्यार मोहब्बत से बात करें। औरत भी मर्द की तरह अपने आप को चाहती है इसलिए वह अपने व्यक्तित्व की सुरक्षा और सम्मान की इच्छुक होती है। वह चाहती है कि वह दूसरों की निगाहों में प्रिय और प्रतिष्ठित रहे। जब कोई उसका अपमान करता है तो उसे दुख पहुंचता है अगर उसका सम्मान किया जाए तो वह अपने व्यक्तित्व के प्रति गर्व करती है और जिंदगी के कामों में व्यस्त हो जाती है।

सम्मान करने वाला उसकी निगाहों में सम्मानजनक और आदरणीय है और अपमान करने वाला उसकी निगाहों में तुच्छ है। आपकी पत्नी को आपसे उम्मीद है कि दूसरों से ज्यादा आप उसका सम्मान करें अगर चाहिए यह उम्मीद उसका अधिकार है क्योंकि वह आपको अपना जीवनसाथी और अपना सबसे बड़ा हमदमो गमख्वार मानती है। दिन रात आप और आपके बच्चों की सेवा में लगी रहती है क्या उसका यह भी अधिकार नहीं बनता कि आप उसके वजूद को गनीमत जानते हुए उसका सम्मान करें।

कैसे करें पत्नी का सम्मान

# तू के शब्द द्वारा आप उस को संबोधित ना करें बल्कि हमेशा आप कहकर उसका सम्मान करें।
# कभी भी उसकी बात को न काटे, उस पर हुक्म न चलाएं सम्मान और अदब के साथ उसको बेहतरीन नाम से पुकारें।
# जब बाहर से घर में आएं तो अगर वह सलाम न करें तो आप ही सलाम करने में पहल करें।
# जिस समय आप घर से बाहर जाने लगे तो उससे खुदा हाफिज कहें और जब सफर पर जाने लगें तो उसे अलविदा कहें।
# अगर उसका बर्थडे हो तो एक फूलों का गुलदस्ता या कोई दूसरी चीज उसे उपहार में दें।
# उसके साथ गाली-गलौज ना करें और उसका मजाक ना उड़ाएं

अगर आप अपनी बीवी का ऐहतेराम करेंगे तो वह भी आपका ऐहतेराम करेगी और इस तरह आप लोगों के बीच मोहब्बत और प्रेम में और बढ़ोतरी होगी जिसके कारण लोगों के बीच आप दोनों का भी सम्मान किया जाएगा।

शादी करने और कमीज खरीदने में जमीन और आसमान का अंतर है। वह एक कनीज़ या कैदी बनकर आपके घर नहीं आई बल्कि वह एक आजाद महिला है कि जो एक संयुक्त और सौभाग्यशाली जिंदगी की आधारशिला रखने के लिए आपके घर आई है इसलिए उससे जिन चीजों की उम्मीद आप रखते हैं उन्हीं कामों की उम्मीद वह भी आपसे रखती है।

हजरत इमाम जाफर सादिक अलैहिस्सलाम अपने बाबा से यह रिवायत नकल करते हैं कि आप ने फरमाया “जो इंसान भी किसी से शादी करे उसे चाहिए कि उसका सम्मान करें।”

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