यूरोप ईरान के साथ परमाणु समझौते को बनाए रखेगा

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तीन यूरोपीय देशों ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी करके घोषणा की है कि ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते के प्रति अमेरिका के राष्ट्रपति कटिबद्ध रहें या न रहें किन्तु वे इसके प्रति कटिबद्ध रहेंगे।

इस बात की घोषणा फ्रांस के विदेशमंत्री ने अपने जर्मन समकक्ष के साथ बर्लिन में होने वाली भेंटवार्ता के बाद की। साथ ही बर्लिन में जारी होने वाली विज्ञप्ति में बल देकर कहा गया है कि बर्लिन, लंदन और पेरिस ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते के प्रति कटिबद्ध रहने का दृढ़ संकल्प रखते हैं।

अपेक्षा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस संबंध में शीघ्र ही अपने दृष्टिकोणों की घोषणा करने वाले हैं इसी बात के दृष्टिगत तीन बड़े यूरोपीय देशों ने घोषणा की है कि वे इस समझौते के प्रति कटिबद्ध रहेंगे।

यूरोपीय देश अपने विशेष हितों व तर्कों के कारण ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते के प्रति कटिबद्ध रहने के इच्छुक हैं।

इन देशों का मानना है कि परमाणु समझौते के माध्यम से उन्होंने अपने दृष्टिगत हितों को प्राप्त कर लिया है। जैसे विस्तृत पैमाने पर ईरान की परमाणु गतिविधियों की समीक्षा होती है, सेन्ट्रीफ्यूज मशीनों की संख्या को सीमित कर दिया गया है और ईरान में संवर्द्धित यूरेनियम के ध्यान योग्य भाग को ईरान से बाहर निकाल दिया गया है।

जर्मनी के विदेशमंत्री हाइको मास का मानना है कि ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते ने विश्व को सुरक्षित किया है और उसके बिना विश्व असुरक्षित हो जायेगा।

वह परमाणु समझौते के खत्म होने के परिणामों के बारे में कहते हैं” मैं इस बात से चिंतित हूं कि परमाणु समझौते का खत्म हो जाना संकट का कारण बनेगा और हम दोबारा वर्ष 2013 में पहुंच जायेंगे और यह वह चीज़ है जिसका कोई भी इच्छुक नहीं है।

बहरहाल ईरान ने परमाणु समझौते के प्रति कटिबद्धता के साथ घोषणा की है कि अमेरिका द्वारा परमाणु समझौते से निकल जाने की स्थिति में उसके पास उचित विकल्प हैं जिसे वह क्रियान्वित करेगा।

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