हज़रत फातिमा ज़हरा (सअ) की शहादत पर मजालिस और प्रर्दशनी का सिलसिला जारी

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रसूले ख़ुदा की बेटी हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (सअ) की शहादत पर छोटे इमामबाड़े लखनऊ जारी प्रोग्राम मे मजालिस एवं प्रर्दशनी में काफी संख्या मे लोग उपस्थित हो रहे है। 10 फरवरी तक चलने वाले प्रोग्राम मे 6 से 10 फरवरी तक पोसटर प्रर्दशनी है जिसमे हज़रत फातिमा (सअ) की ज़िन्दगी को दर्शया गया है।

काफी संख्या मे लोग आ रहे विशेष बात यह है कि सिर्फ मुस्लिम ही नहीं बल्कि हिन्दू सिख ईसाई भी इस प्रर्दशनी में भाग ले कर हज़रत फातिमा ज़हरा की जिन्दगी के बारे मे जान रहे है। प्रर्दशनी मे आये लोगो को मौलाना मोहम्मद आब्दी, मौलाना गुलरेज़ मेहदी, मौलाना हुसैन मेहदी, मौलाना काज़िम, मौलाना अबुल फज़ल बताते है कि हज़रत ज़हरा ने कि तरह ज़िन्दगी गुज़ारी।

मजलिस 7 से 9 फरवरी तक है जिसमे पीछले दिन मजलिस को सम्बोधित करते हुए मौलाना वसी हसन ख़ान ने कहा र्क़ुआन मे सूरा कौसर उसमे ‘‘कौसर’’ शब्द पर अहले सुन्नत के आलिम ने चार तरह के विचार किये है पहला विचार कौसर से मुराद नहरे कौसर दूसरा विचार कौसर से मुराद हौज़े कौसर तीसरा विचार यह की कौसर से मुराद उम्मत के तमाम उलमा और चैथ विचार कौसर से मुराद पैगम्बर है।

इसके अलावा मौलाना ने इसी सूरे के बारे में बताया आखि़र मे हज़रत फ़ातिमा के मसाए पर मजलिस को ख़त्म किया।

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