फिलिस्तीन वापसी मार्च में घायलों का इलाज कर रही 21 वर्षीय नर्स को इस्राईल मारी गोली

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संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी प्रतिनिधि निकी हेली ने इस प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले कहा था कि उनके देश ने कुवैत के प्रस्ताव के बजाए एक दूसरे मसौदे के पेश किया है जिसमें उनके कहे अनुसार जिसमें मुख्य अपराधियों को ज़िम्मेदार ठहराया गया है।

लेकिन सुरक्षा परिषद से आने वाली खबरें बताती हैं कि अमरीका ने जो मसौदा तैयार किया था उसमें हमास को मुख्य अपराधी ठहराया गया था, लेकिन अमरीका के इस मसौदे को सभी सदस्यों ने ठुकरा दिया, और निकी हेली के अतिरिक्त दूसरे 14 सदस्सों में से किसी ने भी उसके पक्ष में वोट नहीं दिया।

लेकिन उसके विरुद्ध वह पहला प्रस्ताव का मसौदा जो कि कुवैत की तरफ़ से तैयार किया गया था और जिसमें ज़ायोनी शासन द्वारा जारी हिंसा की निदा की गई थी उसके पक्ष में 10 वोट पड़े 4 वोट नो के पड़े और केवल एक वोट अमरीका की तरफ़ से उसके विरुद्ध डाला गया।

उल्लेखनीय है कि इस संघ के एक दूसरे सदस्य ब्रिटेन जिसके पास वीटो पावर भी है ने इस प्रस्ताव पर नो का वोट दिया लेकिन, रूस, चीन और फ्रांस जैसे स्थाई सदस्यों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया है।

फिलिस्तीनियों का पिछले 6 सप्ताहों से जारी विरोध जो कि अवैध राष्ट्र इस्राईल के गठन और बैतुल मुकद्दस में अमरीकी दूतावास के स्थानांतरण के साथ शुरू हुआ था, उसको उसी आरम्भिक दिनों से ही इस्राईल की दमनकारी नीतियों से सामना करना पड़ा, और इस्राईली सेना के स्नाईपरों ने गाज़ा पट्टी की सीमा पर फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई थीं। जिसमें सैकड़ों शहीद और हज़ारों घायल हुए थे।

कल (1 जून) को भी फिलिस्तीनियों ने गाज़ा पट्टी की सीमा पर एक बार फिर प्रदर्शन करके इस्राईली अधिग्रहण पर अपना विरोध प्रकट किया है।

इस संबंध में फिलिस्तीन के स्वास्त मंत्रालय ने रिपोर्ट दी है कि पिछले दिन फिलिस्तीनियों के वापसी मार्च प्रदर्शन पर ज़ायोनी सेना की गोलीबारी में एक फिलिस्तीनी शहीद और कम से कम 100 लोग घायल हुए हैं।

रिपोर्ट बताती हैं कि इस गोली बारी में शहीद होने वाली एक महिला नर्स थी जो अपना कार्य करते हुए इस्राईली गोली से शहीद हुई है।

फिलिस्तीनी स्वास्थ मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ़ अलकदरा ने इस संबंध में कहा है कि रज़ान अशरफ़ अलनजार 21 वर्षीय नर्स खान यूनुस में अलअवदा शरराणार्थी शिविर में अपना कार्य करते हुए गोली लगने से शहीद हुई हैं।

उन्होंने कहा कि ज़ायोनी सैनिकों ने घायलों को सहायता पहुँचाते 5 स्वास्थकर्मियों पर गोली चलाई जिसमें से एक गोली इस नर्स को लगी और वह शहीद हो गई।

हमास आंदोलन ने अपने बयान में कहा है कि फिलिस्तीन की 21 वर्षीय नर्स रज़ान अलनजार का पवित्र खून इस्राईली अतिक्रमणकारियों के आतंकवाद की एक गवाह है।

हमास के एक लीडर खिज़्र हबीब ने इन प्रदर्शनों के इतर अलआलम के रिपोर्ट से कहा कि ज़ायोनी शासन फिलिस्तीनियों के विरुद्ध हर गैर मानवीय उपकरण का प्रयोग कर रहा है।

उन्होंने कहा प्रतिरोध फिलिस्तीन जनता की सुरक्षा और शत्रु को सीख देने वाला सबक दने के लिए तैयार है।

इससे पहले अलमयादीन चैनल ने रिपोर्ट दी थी कि वापसी मार्च के दसिवें सप्ताह में गाज़ा पट्टी से हैफ़ा तक हज़ारों फिलिस्तीनियों से शिरकत की है और उन्होंने एक बार फिर गाज़ा पट्टी की नाकेबंदी समाप्त किए जाने और फिलिस्तीनी विस्थापितो की वापसी की मांग की है।जिसके पास वीटो पावर भी है ने इस प्रस्ताव पर नो का वोट दिया लेकिन, रूस, चीन और फ

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