जानिए, अरबाईन के मौके पर कितने लोग पहुंचे थे कर्बला, रौज़ा ए हज़रत अब्बास (अस) के सेक्रेटरी जनरल ने जारी किये आकड़े

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अरबाईन के मौके पर ज़्यारत के लिए कर्बला पहुंचे ज़ायरों की गिनती का काम इस बार रौज़ा ए हज़रत अब्बास (अस) की ओर से किया गया था। रौज़ा ए हज़रत अब्बास (अस) के सेक्रेटरी जनरल ने अब अरबाईन में आये ज़ायरों की गिनती जारी की है।

इस साल रौज़ा ए हज़रत अब्बास (अस) ने अपनी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कर्बला आने वालों ज़ायरों की गिनती की थी। रौज़े के इंजीनियरों ने स्टैटिसटिक्स (Statistics) कैमरे लगाए थे और इसका सेंटर हजरत अब्बास के रौज़े में बनाया गया था।

इस इलेक्ट्रॉनिक काउंटिंग सिस्टम के कैमरों को कर्बला की तरफ आने वाले 5 रास्तों पर लगाया था, जिनमें बगदाद-कर्बला, नजफ-कर्बला, बेबीलोन-कर्बला हुसैनिया-कर्बला और अल हुर्र-कर्बला के रस्ते शामिल है।

अरबईन के मौके पर कर्बला आने वाले ज़ायरों की सटीक गिनती के लिए रौज़े के इंजीनियरों ने लगाए हैं आधुनिक कैमरे, जानिए इस रिपोर्ट में | Shia News

हज़रत अब्बास (अस) के रौज़े के संचार प्रभाग में काम कर रहे तकनीकी और इंजीनियरिंग स्टाफ ने केंद्रीय प्रणाली का संचालन शुरू किया जो कि इमाम हुसैन अस और उनके भाई हज़रत अब्बास की ज़ियारत पर अरबाइन करने के लिए करबाला आने वाले ज़ायरों की गिनती करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

रौज़ा ए हज़रत अब्बास (अस) के सेक्रेटरी जनरल द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया कि 7 सफर से 20 सफर के बीच 1,53,22,949 (15 मिलियन) लोग कर्बला पहुंचे थे। यह पिछले साल से ज्यादा था, पिछले साल 1,38,74,818 लोग कर्बला इस दौरान आए थे। वही साल 2016 में 1,12,10,367 लोग कर्बला पहुंचे थे।

सेक्रेट्री जनरल ने अपने बयान में कहा कि हम दुआ करते हैं कि जो लोग इमाम हुसैन अस और हजरत अब्बास अस की ज़्यारत के लिए कर्बला आए थे उनकी ज़्यारत क़ुबूल हो और हम दुनिया में जो कुछ हासिल करना चाहते हैं उस में कबूलियत हो।

News Source: https://alkafeel.net/ar-news/index?id=7466&lang=en

One thought on “जानिए, अरबाईन के मौके पर कितने लोग पहुंचे थे कर्बला, रौज़ा ए हज़रत अब्बास (अस) के सेक्रेटरी जनरल ने जारी किये आकड़े

  • 24/12/2018 at 05:48
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    Asak Great news 15 million persons went to Karbala. In my opinion if a mechanism is developed by some Ayatullah or any other authority that each Zair has to pay single Dollar for the education of poor/needy Shia children look 15 million dollars can be collected each year even health care situation of Shias can be improved this way.

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