जानिए क्यों 12 से 17 रबीउल अव्वल के बीच मनाया जाता है, ‘हफ्ता-ए-वहदत’

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पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम की विलादत के मौके पर 12 रबीउल अव्वल से हफ्ता ए वहदत शुरू हो रहा है, जो 17 रबीउल अव्वल तक जारी रहेगा।

पूरी दुनिया में सुन्नी मुसलमान हज़रत मुहम्मद (स) की विलादत की तारीख़ 12 रबीउल अव्वल मानते हैं जबकि शिया मुसलमान 17 रबीउल अव्वल को मनाते हैं। इस मौके को जहाँ दोनों ही फिरके हज़रत मुहम्मद (स) पर मुकम्मल ईमान रखते हैं, इसको प्रतीक बनाया गया मुस्लिम एकता का।

इस्लामी इन्किलाब बरपा करने वाले इमाम ख़ुमैनी (रअ) ने मुसलमानों के बीच इत्तेहाद को बढ़ावा देने के लिए और उनके बीच भाईचारे को बढ़ाने के मक़सद से 12 से 17 रबीउल अव्वल को हफ्ता ए वहदत (वीक ऑफ़ यूनिटी) का नाम दिया जिसे न सिर्फ ईरान में बल्कि अन्य देशों में बहुत ही सम्मान और बढ़चढ़ कर मानाया जाता है।

हफ्ता ए वहदत में मुसलमानों के बीच एकता एवं भाईचारा पैदा करने का बहुत अच्छा अवसर माना जाता है। इस मौके से फ़ायदा उठाकर पूरी दुनिया में मुसलमानों के बीच इत्तेहाद क़ायम किया जा सकता है।

शिया न्यूज़ की टीम सभी मुसलमानो को पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम की विलादत और हफ्ता ए वहदत मुबारकबाद पेश करती हैं।

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