रहबर ए मोअज़्ज़म अयातोल्लाह ख़ामेनाई का पैग़ाम हाजियों के नाम

Share This News

रहबर ए मोअज़्ज़म आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने सोमवार को हाजियों के नाम अपने संदेश में हज के संस्कार के लिए एक स्थायी व सर्वकालिक स्थान के निर्धारण को मुसलमानों के बीच एकता के लिए एक प्रतीक बताया और कहा कि हमेशा और हर काल में इस स्थान पर और इस निर्धारित समय में हज, साधारण और स्पष्ट भाषा में मुसलमानों को एकता का निमंत्रणदेता है और यह इस्लाम के दुश्मनों की इच्छा के ठीक विपरीत है जो हमेशा और विशेष कर वर्तमान समय में मुसलमानों को एक दूसरे के सामने खड़ा होने के लिए उकसाते रहते हैं।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अपराधी व साम्राज्यवादी अमरीका के व्यवहार की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि इस्लाम और मुसलमानों के संबंध में अमरीका की मुख्य नीति, युद्ध भड़काने, उनका एक दूसरे के हाथों जनसंहार कराने, अत्याचारियों को अत्याचारग्रस्त लोगों पर थोप देने, अत्याचारी धड़े का समर्थन करने, उसके हाथों अत्याचारग्रस्त को निर्दयता से कुचलने और इस ख़तरनाक साज़िश की आग को हमेशा भड़काए रखने पर आधारित है।

आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि मुसलमानों को सचेत रहना चाहिए और इस शैतानी साज़िश को नाकाम बना देना चाहिए, कहा कि हज इस चेतना का मार्ग समतल करता है और हज के संस्कारों में अनेकेश्वरवादियों व साम्राज्यवादियों से विरक्तता का कारण यही है।

उन्होंने हाजियों को संबोधित करते हुए कहा है कि वे सीरिया, इराक़, फ़िलिस्तीन, अफ़ग़ानिस्तान, यमन, बहरैन, लीबिया, पाकिस्तान, कश्मीर, म्यांमार और अन्य स्थानों पर मुस्लिम समुदाय के लिए दुआ करना न भूलें और ईश्वर से यह भी प्रार्थना करें कि वे अमरीका, अन्य साम्राज्यवादियों और उनके पिट्ठुओं के हाथ काट दे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *