शिया पर्सनल लॉ बोर्ड और शिया हुसैनी फंड ने उठाई जन्नत उल बकी के पुनर्निर्माण की मांग

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दुख्तरे रसूल और शिया मुसलमानों के इमामों की सऊदी अरब के मदीना जन्नतुल बकी स्थित मजारों के ध्वस्त किये जाने के विरोध में इस्लामी महीने शव्वाल की 8 तारीख शनिवार को प्रदर्शन किया गया। आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास के आह्वान पर हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने शामिल होकर रौजों के पुनर्निर्माण की मांग की।

प्रदर्शनकारी अपने हाथों में रौजों के पुनर्निर्माण संबंधी तख्तियां लिए हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने अपने खून से लिखा मांग पत्र दिल्ली स्थित सऊदी अरब के दूतावास भेजा, जिसमें रौजों के पुनर्निर्माण की मांग की गयी। वहीं आल इंडिया शिया हुसैनी फंड ने एक बैठक कर रौजों के ध्वस्त किये जाने की कड़ी निंदा करते हुए रौजों के पुनर्निर्माण की मांग की।

शहीद स्मारक पर आयोजित प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि 92 वर्ष पूर्व सऊदी अरब के शासक आले सऊद नब जन्नतुल बकी के कब्रिस्तान में रसूले अकरम के खानदान वालों और उनकी बेटी के रौजों को ध्वस्त कर दिया था। सऊदी हुकूमत जिस रसूल का कलमा पढ़ती है, उसी रसूल की बेटी की कब्र पर आज तक कोई साया नहीं है, जबकि सऊदी शासक बड़े-बड़े महलों में रह रहे हैं। मौलाना ने कहा कि या तो सऊदी हुकूमत जन्नतुल बकी में दुख्तरे रसूल और इमामों की मजारों का पुनर्निर्माण कराए या हमें अनुमति दे कि हम वहां जाकर मजारों का पुनर्निर्र्माण कराएं। मौलाना ने प्रधानमंत्री से सऊदी सरकार पर दबाव बनवा कर शिया समुदाय पर होने वाले अत्याचार बंद कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि इस्लाम जबरन अत्याचार नहीं करता, लेकिन सऊदी अरब मुसलमानों पर जबरन अपना दृष्टिïकोण लादना चाहता है। विरोध सभा को अन्य उलमा ने भी सम्बोधित करते हुए रौजों के पुनर्निर्माण की मांग की। इसके बाद बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना मिर्जा मोहम्मद अशफाक ने संक्षिप्त मजलिस को खिताब किया। मजलिस के बाद प्रदर्शनकारियों ने मातम कर अपना विरोध जताया और खून से ज्ञापन लिखकर सऊदी अरब के दिल्ली स्थित दूतावास भेजा गया, जिसमें रौजों के पुनर्निर्माण की मांग की गयी है।

प्रदर्शन को , मौलाना साएम मेंहदी, मौलाना मिर्जा जाफर अब्बास, मौलाना मीसम जैदी, मौलाना तनवीर अब्बास, आल इंडिया शिया हुसैनी फंड के महासचिव हसन मेंहदी झब्बू सहित अन्य ने भी सम्बोधित किया।

शिया हुसैनी फंड व ताजियेदार संघ ने की पुनर्निर्माण की मांग

दूसरी ओर आल इंडिया शिया हुसैनी फंड की ओर से मौलाना सकलैन आब्दी की अध्यक्षता में विरोध सभा का आयोजन किया गया। सभा को सम्बोधित करते हुए फंड महासचिव हसन मेहदी झब्बू ने कहा कि हम इस्राईल के खिलाफ किब्लए अव्वल के सिलसिले में प्रदर्शन करते हैं, लेकिन अफसोस है कि मुसलमानों ने 8 शव्वाल को नजरअंदाज कर दिया। जबकि इस दिन मुसलमानों को एक होकर रसूले खुदा की बेटी और उनके बच्चों की मुकद्दस मजारों को ध्वस्त करने के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करना चाहिए।

विरोध सभा में इसरारुल हसन, सिराजुल हसन, हुसैन आजम काजमी सहित फंड के अन्य पदाधिकारी शामिल थे। वहीं ताजियेदार सेवक संघ से जुड़े हिंदू अकीदतमंदों ने बशीरतगंज स्थित इमामबाड़ा किशनू खलीफा में बैठक कर रौजों के पुननिर्माण की मांग की। बैठक में मजारों का अब तक पुनर्निर्माण न होने पर चिंता व्यक्त की गयी। बैठक में मुख्य रूप से मुदस्सिर अब्बास, अबुल हसन, पंकज सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

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