ऐतिहासिक होगा शिया-सूफी सद्भावना सम्मेलन: मौलाना कल्बे जवाद

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मजलिस उलमा-ए-हिंद के महासचिव व इमामे जुमा मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने रविवार को आसिफी इमामबाड़े में आयोजित होने वाले शिया-सूफी सद्भावना सम्मेलन में आम जनता और उलमा से शामिल होने की अपील की है।

मौलाना ने कहा कि सम्मेलन किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह दिखाने के लिए है कि हिन्दुस्तान में इमाम हुसैन के मानने वालों की संख्या अधिक है। इमाम हुसैन के मानने वाले सूफी और शियों की शक्त में पूरे हिन्दुस्तान में फैले हुए हैं। मौलाना ने कहा कि रविवार को आयोजित होने वाला सम्मेलन भव्य और ऐतिहासिक होगा।

मौलाना ने कहा कि सम्मेलन में रसूले इस्लाम के नवासे और इमाम हुसैन के चाहने वाले पूरे देश भर से एकत्रित होंगे। आज देश में इमाम हुसैन के चाहने वालों की संख्या बहुत अधिक है, लेकिन इमाम हुसैन के चाहने वालों की अनदेखी कर एक छोटे से समुदाय को अधिकार दिये जाते हैं। हम चाहते हैं कि हमें मुसलमानों में संख्या के अनुपात में अधिकार और हिस्सेदारी दी जाए। उन्होंने जनता पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि जनता पूर्व की भांति 25 मार्च के जलसे को भी सफल बनाएगी, जिससे हम सरकार के सामने अपनी मांगें रख सकें।

मौलाना ने कहा कि इस भव्य और ऐतिहासिक सम्मेलन में आतंकवा के साथ सभी मुसलमानों विशेष कर शियों और सूफियों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। इसी के साथ बुनकरों व जरदोजों की समस्याओं पर भी विशेष रूप से चर्चा की जाएगी, क्योंकि बुनकर और जरदोज भी बदहाली का शिकार हैं।

उन्होंने कहा कि वक्त कम होने की वजह से हम हर खानकाह तक नहीं पहुंच सके, लेकिन भविष्य में प्रयास किया जाएगा कि देश की सभी खानकाहों से सम्पर्क स्थापित कर एक भव्य सम्मेलन किया जाए। मौलाना ने उलमा, विद्वानों, संस्थाओं, मातमी अंजुमनों और जनता से सम्मेलन में शामिल होने की अपील की।

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