यमन में भूख से मर रहे बच्चों के लिए आगे आयी अमरीकी महिला, सऊदी हुकूमत के खिलाफ किया 26 दिन तक भूख हड़ताल

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सऊदी अरब द्वारा यमन पर किए जा रहे हमलों के चलते यमन में अब लोग भूखे से मरने की कगार पर आ चुके हैं। अगर आंकड़ों की मानें तो यमन में 18 मिलीयन यमनी लोग इस वक्त खाने से महरूम है जिनमें से 5 मिलीयन तो छोटे-छोटे बच्चे हैं।

सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब इमारत ने मिलकर यमन के ऊपर हमला बोल रखा है और जानबूझकर वहां के लोगों के खाने और पानी की सप्लाई पर हवाई हमले किए जा रहे हैं। लगातार जंग के कानूनों का उल्लंघन कर किये जा रहे हमलों के बाद भी अमेरिका और ब्रिटेन सऊदी अरब का समर्थन कर रहा है।

ऐसे में बीच में एक रिपोर्ट भी सामने आई थी कि लोग वहां पर पत्तियां खाकर जिंदा है लेकिन सऊदी अरब वहां पर किसी तरह की मदद भी जाने नहीं दे रहा है लेकिन सऊदी हुकूमत के इस अमानवीय रवैया के खिलाफ भी दुनिया भर से आवाजें उठ रही हैं।

ऐसे में अमेरिका की एक महिला ने यमन के में भूख से तड़प रहे लोगों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। मिंटप्रेस न्यूज की खबर के अनुसार सन फ्रांसिस्को में रहने वाली का पामेला बेनेट ने 8 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू की थी।

बेनेट का कहना है कि वह अमेरिका के लोगों को बताना चाहती हैं कि किस तरह यमन के लोग भूख से मर रहे हैं। वे चाहती हैं कि अमेरिका सरकार, सऊदी अरब की मदद तुरंत बंद करें।

अपने इस अभियान के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपना पैगम पहुंचाने के लिए बेनेट रोज़ अपने फेसबुक अकाउंट पर वीडियो पोस्ट करती हैं और बताती हैं कि भूख हड़ताल करके उन्हें कैसा लग रहा है। इसके साथ ही वे यह भी बताती थी कि उन्हें भूख हड़ताल यमन में जारी सऊदी हमलों के खिलाफ करनी पड़ रही है।

बेनेट ने आरोप लगाया है कि पश्चिमी मीडिया यमन में सऊदी के हमलों और लोगों की भुखमरी को नहीं दिखा रहा है। जब मैंने पहली बार है यमन के बारे में सुना तो मुझे लगा कि वहां पर सूखा पड़ा है लेकिन धीरे-धीरे जब पढ़ना शुरू किया तो पता चला कि सऊदी हुकूमत ने ना सिर्फ वहां पर हवाई हमले किए हैं बल्कि लोगों के खाने-पीने की सामग्री पर भी रोक लगा दी है। जिसके चलते ना सिर्फ औरतें और बूढ़े, बल्कि बच्चों को भी खाना नहीं मिल पा रहा है।

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