जुल्म बर्दाशत करना भी जालिम की हिमायतः अहमद रजा बिजनौरी

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हुसैनी सोसाइटी की ओर से मेहताब बाग पार्ट 2 हुसैनाबाद में हुसैन अपार्टमेन्ट में बज्में मिदहते नूर के शीर्षक से एक महफिल का आयोजन किया गया। महफिल ठीक 8 बजे रात्रि में शुरू हुई जिसको कुरान की तिलावत से इरफान हैदर साहब ने किया जिसमें मकामी और बैरूनी शोअरा ने भाग लिया।

प्रोफेसर सैयद मजाहिर अली रिजवी, विभागाध्यक्ष फारसी विभाग, शिया पी0जी0 कालेज, लखनऊ ने महफिल को खिताब किया।

बाद में अली, हमजा, कल्बे अब्बास मुरादाबादी, रहबर करब्लाई, हानी फतहपुरी, असकरी गदीरी, मौलाना वफा देहलवी, दिलदार हुसैन हरदोई, अफजाल रूदौली, शालू लखनवी, अब्बास मुजफफरनगरी, इनाम सिरसवी, कामरान इलाहाबादी, सिब्ते अनवर, मोहम्मद अब्बास मऊ, असद जाफरी, तकी आब्दी मुजफफरनगरी, डाॅ सैयद अहमद मियाॅ जैदी व अन्य शोअरा ने महफिल में अपनी ओर से नजरानाये अकीदत पेश की।

महफिल का संचालन मौलाना अहमद रजा बिजनौरी साहब ने बडी ही खूबसूरती से किया। महफिल के कन्वेनर डाॅ सैयद अहमद मियाॅ जैदी ने बताया कि हुसैन अपार्टमेन्ट में पहली इस स्तर पर महफिल को आयोजित किया गया है और आने वाले दिनों में भी ऐसे ही प्रोग्राम हुसैन अपार्टमेन्ट में आयोजित होते रहेंगे।

महफिल में डाॅ मुन्तजिर मेहदी, अर्शी रजा, डाॅ अमन रजा, सैयद जरगाम हैदर जैदी व अन्य श्रोता सम्मिलित हुए। आखिर में हुसैनी सोसाइटी के सदस्यों में डाॅ सैयद मोहम्मद मियाॅ जैदी, सैयद वाहिद रिजवी, सैयद मेहदी हसन रिजवी, सैयद रिजवान हसन, शम्स साहब ने सभी आने वाले लोगों का धन्यवाद किया।

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